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एक रात की अनजान चुदाई की दास्तां | Free Sex Kahani

रंडी की कहानी में मुझे चुदाई का बहुत शौक है. मैं हर किसी से चुदने को तैयार रहती हूँ. एक रात मेरे साथ 4 मर्द और एक औरत थी. मैं सबसे चुदी.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम प्रीति है।
मैं शादीशुदा हूँ और मेरी उम्र 31 साल है।
मेरी फिगर 36-34-36 है।

मेरे दो बच्चे हैं जो हॉस्टल में रहते हैं और पति नौकरी के सिलसिले में विदेश में रहते हैं।
मैं अपने घर में अकेली रहती हूँ।

मैं जॉब करती हूँ और उसी के सिलसिले में अक्सर बाहर जाती रहती हूँ।

ऐसा कहना तो नहीं चाहिए लेकिन मेरे पति के अलावा सब मुझे चोदते हैं।
पति जब घर आते हैं, तब वो भी मुझे कहीं का नहीं छोड़ते।
इसलिए मैं कहूँ या नहीं, लेकिन मैं बहुत बड़ी चुदक्कड़ हूँ।

एक दिन भी मेरे अंदर लंड नहीं गया तो मैं तड़प जाती हूँ; कोई न कोई लंड तो मुझे चाहिए ही होता है।
जो मेरे पड़ोस वाले हैं, वो भी मुझे चोदते हैं और ‘रण्डी’ बोलते हैं।

मुझे वो अच्छा भी लगता है।

मैंने बहुत सेक्स किया है। कभी सार्वजनिक टॉयलेट में, तो कभी पड़ोसी के बाथरूम में; कभी रास्ते के किनारे, कभी छत पे, तो कभी रात की बस या ट्रेन में।
ये सब कहानियाँ मैं एक के बाद एक सुनाऊंगी, तब तक आप सभी मेरे साथ जुड़े रहें। 

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तो रंडी की कहानी शुरू करते हैं।

मैं जॉब के सिलसिले में एक गाँव जा रही थी।
गर्मी के दिन थे इसलिए मेरा पूरा बदन पसीना-पसीना हो गया था।

ऊपर से बस में काफी भीड़ होने के कारण मेरे बूब्स और गांड दोनों दबे पड़े थे।

बूब्स में पसीना आ रहा था और ऊपर से चूत भी पसीने पसीने थी, वो अलग।
मेरा पेटीकोट तो पूरा गीला हो गया था।

जब मैं गाँव पहुँची तो शाम के 6 बज चुके थे और वह आखिरी बस थी।
इसलिए मुझे आज की रात वहीं गुजारनी थी।

अब रात गुजारने के लिए कहीं ठिकाना नहीं था और आस-पास कोई दिख भी नहीं रहा था।

फिर मुझे दो आदमी दिखे।
मैंने उनसे पूछा तो वो बोले- हमारे घर में रात बिता लो।

उनके साथ एक औरत भी थी इसलिए मुझे लगा कि चलो ठीक है।

फिर मैं वहाँ रुक गई।
मुझे भूख नहीं थी इसलिए मैंने कुछ नहीं खाया और लेट गई।

थोड़ी देर बाद मेरी आँख लग गई।

जब मेरी नींद खुली तब रात के 9 बज रहे थे।

पूरे घर में अंधेरा था और मोबाइल की टॉर्च चालू थी।
पूछने पर पता चला कि लाइट गई हुई है।

तभी मैंने देखा कि वह औरत बाहर निकल गई थी और अब मैं अकेली उन दोनों के साथ थी।
वे दोनों नंगे थे।

फिर मैंने अपने शरीर की तरफ देखा तो मेरे होश उड़ गए!
मेरे पूरे कपड़े उतारे हुए थे और मेरा पूरा बदन नंगा था।
लेकिन अब मैं कुछ नहीं कर सकती थी।

तभी सामने वाला आदमी बोला, “रात निकालनी है ना, तो हमको चोदने दे और शांत रहे, नहीं तो बिना कपड़ों के ही बाहर निकाल देंगे!”

अब मुझे भी चुदन का मन कर रहा था।
वैसे तो मुझे एक ही बार में दो आदमियों ने काफी बार चोदा है, इसलिए मेरे लिए यह बहुत आसान था और मैं तो खुश थी कि आज भी कोई मुझे चोदेगा।
इसलिए मैंने भी उनके हाँ में हाँ भरी।

तभी आदमी ने इशारा किया और मैंने देखा कि वह दूसरी औरत भी वहाँ नंगी थी और उसे दूसरे दो आदमी चोद रहे थे।

फिर वह औरत भी मेरे पास आ गई।
मेरा तो पूरा बदन पसीने से भरा पड़ा था, और उसका बदन भी मेरे जैसा ही था।

उसका बदन मेरे मुकाबले काफी काला था और उसके बूब्स, गांड और चुत्तड़ों में से बदबू आ रही थी।
उसने मेरा बदन देखा और मेरे बूब्स पकड़कर दूध पीने लगी।

अब हम 2 औरतें और 4 आदमी थे।
मुझे तो यह पता लग गया था कि आज रात मैं काम से जाने वाली हूँ। मेरी गांड और चुत्तड़ फटने वाले थे।
डर के मारे मेरा पेशाब छूट गया।

तभी एक आदमी ने देखा कि मैं पेशाब कर रही हूँ, तो उसने आकर सीधे मेरी चूत में अपना लंड घुसा दिया!

अब मेरा पेशाब भी नहीं निकल पा रहा था।

तभी उसी आदमी ने मेरा एक बूब्स पकड़ा और दूध पीने लगा, और फिर दूसरे आदमी ने पीछे से मेरी गांड में लंड डाल दिया।
ऐसा पहली बार हो रहा था मेरे साथ।

बचा हुआ एक लंड तीसरे आदमी ने मेरे मुँह में घुसा दिया।

अब जिसने मेरे मुँह में डाला था, उसने पहले उस औरत की चूत में अपना लंड घुसाया था; इस वजह से न चाहते हुए भी मुझे उसकी चूत चाटने जैसा महसूस हो रहा था।

थोड़ी देर बाद जब सबने धक्का लगाना शुरू किया, तो मेरी जान ही निकल गई!
बहुत दर्द हो रहा था और अच्छा भी लग रहा था।

मेरे दोनों बूब्स पी रहे थे।
लगभग आधे आधे घंटे के बाद सब झड़ गए थे।

सभी वैसे ही नंगे सो गए।
उस औरत ने मेरा मुँह पकड़कर अपने बूब्स पर लगा लिया।

आदमी सब सो गए थे, लेकिन वह औरत मुझे अपना पूरा दूध पिलाए बिना सोने नहीं देने वाली थी।

उसके काले बदबूदार बूब्स चाटने और उसका दूध पीने के बाद उसने मुझे छोड़ा।

फिर उसने मेरी चूत में अपना हाथ डालकर उसकी बदबू सूँघने लगी।
फिर उसने मेरे मुँह पर अपना मुँह लगाकर किस किया।

लगभग 20 मिनट किस करने के बाद वह मुझे कसके चिपक गई और सो गई।

मेरी चूत इतनी फट चुकी थी कि रात में पेशाब अपने आप निकल रहा था और हम दोनों का बदन गीला था।

सुबह हुई तब मुझे समझ आया कि मैंने बिस्तर पर ही पेशाब कर दिया है।
वह औरत उठी और उसने यह सब देखा.

लेकिन वह बोली, “चल, तेरे पेशाब से तो नहाने को मिला!”
यह सुनकर मैं दंग रह गई।

फिर उसने अपनी उंगली मेरी चूत में डाली और बोली, “चूत फट गई है, इसलिए पेशाब निकल गया!”

आदमी बाहर निकल गए थे और अब हम दोनों ही थी।
फिर उस औरत ने मेरे बूब्स पकड़े और दूध पीने लगी।

लगभग आधे घंटे बाद उसने मुझे छोड़ा।
यहाँ नहाने के लिए पानी भी नहीं था।

वैसे ही मैंने उस औरत की ब्रा और साड़ी लेकर अपना पूरा बदन साफ़ किया और पोंछा।
फिर मैंने दूसरे कपड़े पहने।

उस औरत ने मेरे पहले वाले कपड़े और ब्रा-पँटी रख लिए और मैं बिना काम किए ही लौट आई।

घर आकर मैं नहाई और अपना पूरा बदन साफ़ किया।
मेरे बूब्स और गांड दोनों सूज गए थे और दर्द कर रहे थे।
साथ ही उनमें से बदबू भी आ रही थी।

मैंने दो दिन तक उन्हें साफ़ किया, तब जाकर बदबू बंद हुई।

मेरे निप्पल बहुत जोर से काटने और रगड़ने के कारण इतने बड़े हो चुके थे कि वे थोड़ा भी हिलते तो उनमें दर्द हो रहा था।
इस चुदाई में मेरी गांड और चूत फटने की वजह से वे काले पड़ गए थे।

मेरी रंडी की कहानी कैसी लगी आपको?
कमेंट्स में बताएं.

लड़की ने नौकरी का अहसान चूत से चुकाया - desi sex stories

फ्री सेक्स स्टोरी में मैं कम्पनीज में जॉब के लिए प्लेसमेंट करवाता था. एक लड़की को मैंने उसकी मनपसन्द जॉब दिलवाई तो उससे दोस्ती हो गयी. उसने मुझे पार्टी करने के लिए बुलाया.

दोस्तो, मैं राज हूँ.
ये मेरी पहली सेक्स कहानी है, तो गलती होना लाजिमी है. प्लीज नजरअंदाज करते हुए माफ़ कीजिएगा.

पाठिकाओं के कौतूहल हेतु लिखना चाहता हूँ कि मेरे लंड का साइज़ सामान्य भारतीयों की तरह ही है, पर इसकी देर तक चलने की खासियत है, जिस वजह से लड़कियों और भाभियों के द्वारा मुझे बिस्तर में बेहद पसंद किया जाता है.
अपनी इसी गुणवत्ता के चलते मैंने बहुत सारी भाभियों और लड़कियों को खूब चोद कर खुश किया है.

आप सभी के लंडों से निवेदन है कि वे खड़े हो जाएं और अपनी अपनी चुत में घुस जाएं या चुत न हो तो हाथ से हिलाएं.
लड़कियों और भाभियों की प्यासी चूतों से प्यास लंड के लिए गर्म होने की इल्तिजा है.

ये फ्री सेक्स स्टोरी आज से 3 साल पहले की उस समय की है, जब मैं जॉब लगवाने का काम करता था.
अपने उसी काम के दौरान मुझे अपनी इस कहानी की नायिका मिली.

उस समय मैं दिल्ली में ही जॉब कर रहा था, साथ ही कम्पनीज में जॉब के लिए प्लेसमेंट भी करवाता था.
इसके एवज में मुझे कम्पनीज से कमीशन मिलता था और कैंडीडेट से भी एक महीने की सैलरी मिलती थी.

एक दिन किसी अनजान नंबर से कॉल आया कि मुझे जॉब की तलाश है.
मैंने उसे अपना रिज्यूमे और एक फोटो भेजने को कहा.

जब उसने अपना फोटो भेजा, तो कसम से लंड फनफना उठा … क्या माल थी यार.

मेरा लंड तो उसकी फोटो देखते ही खड़ा हो गया था.
मैंने उसे दूसरे दिन आने को कहा.

उसका नाम रजिया था (बदला हुआ नाम).
रजिया एकदम दूध जैसी गोरी लौंडिया थी.

उसके बूब्स 34 के, कमर 28 की और उसकी गांड 36 की थी … या यूँ कहूँ कि ऐसा लगा कोई परी उतर कर आ गई हो.
सामने से उसे कोई भी देखेगा तो उसका लंड हर हालत में तुनकी मारेगा, यह गारंटी थी.
मतलब उसके दूध और गांड के उभार देख कर तो किसी बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाएगा.

वह आई और मैंने उसका इंटरव्यू करवाया, पर उसका सिलेक्शन कुछ कारणों से नहीं हो पाया.

दरअसल उस कंपनी के बॉस को लड़की पसंद आ गई थी और वह उसे जॉब देने के पहले उससे ब्लो जॉब करवाना चाहता था, उसे चोदना चाहता था.

यह कंपनी एक फ्लैट बेचने का काम करने वाली कंपनी थी तो कस्टमर को पटाने के लिए उसके साथ लेटने का काम भी करना पड़ता था.
लड़की अनेक मर्दों से चुदने के लिए राजी नहीं थी.

मैंने उससे कहा कि कोई बात नहीं मैं किसी दूसरी कंपनी में बात करूंगा.

वह मुझसे बोली- मैं ऐसा काम नहीं कर सकती हूँ, जिधर मैं एक कॉल गर्ल बन कर रह जाऊं!
मैंने कहा- चलो किसी दूसरी कंपनी में देखता हूँ.
वह हूँ करके चली गई.

उस दिन के बाद मेरी उससे रोज़ाना बात होने लगी.
अब उससे मेरी गाहे बगाहे मुलाकात होना शुरू हो गई.
कुछ समय बाद उससे मेरी काफी सारी बातें होने लगीं.

एक दिन उसने बताया कि वह नई जगह शिफ्ट हुई है, तो उसे घर का कुछ सामान लाना है.
मैंने उसकी मदद की.

उस दिन से वह मुझसे कुछ ज़्यादा ही क्लोज़ हो गई.
फिर धीरे-धीरे हमारी बातें दोस्ती से प्यार की होने लगीं.

एक दिन मैंने उसकी जॉब एक अच्छी कंपनी में लगवा दी, उधर उसके साथ कुछ भी गड़बड़ होने की आशंका नहीं थी.
वह बहुत खुश थी.

मैंने उससे पार्टी मांगी.
उसने संडे को मिलने को बोल दिया.

मैंने कहा- संडे को ही क्यों?
वह मुस्कुरा कर बोली- जरा खुल कर मिल लेंगे!

मैं खुल कर मिल लेंगे का अर्थ समझ गया.
मैंने उससे कहा- रजिया मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुमसे अपना प्यार जताना चाहता हूँ.
वह हंस कर बोली- हां, मैं भी अपना प्यार जताना चाहती हूँ.

मैंने उसका हाथ दबाया तो उसने आंख दबा दी.
मैं समझ गया कि ये लड़की मुझसे चुदने के लिए राजी है.

मैंने पहले ही सारी तैयारी कर ली थी, क्योंकि आग दोनों तरफ़ बराबर लगी हुई थी.
लौड़े की सफाई कर ली थी और बियर की कैन्स ले ली थीं.

तय समय पर हम दोनों मिले.

मैंने एक रिसॉर्ट में रूम बुक कर लिया था.
रूम में आते ही वह मेरे सीने से लग गई.

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साला लंड तो ऐसे कड़क हो गया था कि अभी पैंट फाड़ कर बाहर निकल जाएगा.
हमारे होंठ कब एक-दूसरे से जुड़े, पता ही नहीं चला.

कम से कम 20 मिनट तक हम एक-दूसरे की जीभ से खेलते रहे और होंठों को पीते रहे.
क्या होंठ थे उसके एकदम रूई जैसे मुलायम …

फिर मैंने उसके चूचों को धीरे-धीरे दबाना शुरू किया तो वह जोर-जोर से सिसकारियां लेने लगी.
मैंने जल्दी से उसकी टी-शर्ट उतारी और उसकी ब्रा को भी अलग कर दिया.

सच में बड़े ही मस्त बूब्स थे यार … कसम से देख कर ही ऐसा लगा कि बस इन्हें खाता ही रहूँ.

उसके बूब्स पर उसके गुलाबी निप्पलों की झलक तो ऐसी थी कि कसम से मजा ही आ गया.

मैंने एक निप्पल को अपने होंठों के बीच में दबाया और चूसना शुरू कर दिया.
वह मस्त हो रही थी और मादक आवाज निकालती हुई मुझे अपने हाथ से अपने दूध चुसवा रही थी.

मैंने उसके दोनों निप्पल बारी बारी से खूब देर देर तक चूसे और खींचे.
उसकी चूचियां कुछ ही देर में एकदम लाल हो गई थीं क्योंकि मैं एक दूध को चूस रहा था और दूसरे को अपनी मुट्ठी में भर कर मसल रहा था.

फिर दूध से मन भर लेने के बाद मैं नीचे को हुआ और उसके पेट पर किस करना शुरू कर दिया.

वह बिन पानी की मछली के जैसे मचल रही थी.
अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था.
मैंने भी जल्दी-जल्दी अपने कपड़े उतारे और उसकी पैंटी को उतार दिया.

आह मस्त चूत थी यार … कसम से एकदम कचौड़ी सी फूली और झांट रहित एकदम सफाचट चिकनी चमेली सी चुत … देख कर ही पता चल रहा था कि इसने लंड लेने के चक्कर में आज आने से पहले ही साफ़ की है.

चुत का रंग भी एकदम गुलाबी, जरा भी कालापन नहीं … यह इस बात का प्रमाण था कि चुत में लंड का आना जाना या तो हुआ ही नहीं है या अभी कम चली है.

फिर जैसे ही मैंने अपने होंठ उसकी चूत पर रखे, उसके मुँह से सिसकने की आवाज़ आने लगी.

मैंने भी जीभ अन्दर डाल दी और जीभ से चुत की दीवारों का रस चाटने लगा.
साथ ही मेरे होंठ उसकी चूत के दाने को पकड़ कर खींचने और रगड़ने में लग गए.

उसका बुरा हाल हो गया था और वह ऊँह ऊँह करती हुई मेरे सर को अपनी चुत पर दबाने लगी थी.

वह लगातार मादक आवाजें निकालती हुई तड़पने लगी ‘आह राज ये तुमने क्या कर दिया और तेज चूस लो आह राज ऐसे ही बस ऐसे ही करते रहो आह बहुत मजा आ रहा है!’

उसकी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी, जिसे मैं पीता जा रहा था.

उसने झड़ते समय मुझे कस कर अपनी चूत में दबा लिया था … क्या खट्टा पानी था उसकी चुत का.
थोड़ी देर में वह पूरी तरह से झड़ गई और मैं उसका सारा पानी पी गया.
बड़ा ही टेस्टी पानी था उसकी चुत का.

मैं फिर से उसके होंठों को पीने लगा.
मन तो कर रहा था कि बस ऐसे ही इसके होंठों को खाता रहूँ, कभी न छोड़ूँ इसके होंठों को … मेरा लंड भी उसकी चूत से रगड़ खा रहा था.

वह खुद कमर हिलाकर लंड अपनी चूत में लेने की कोशिश करने लगी और बोलने लगी- बस अब बर्दाश्त नहीं होता जल्दी से चोद डालो.

मैंने उसे और तड़पाना ठीक नहीं समझा.

चुत में लंड पेलने से पहले मैंने उससे अपना लंड मुँह में लेने को कहा, तो उसने मना कर दिया.
मैंने भी कोई ज़बरदस्ती नहीं की और लंड उसकी चूत के ऊपर रख दिया और घिसने लगा.

उसके मुँह से भी ‘आह … आह …’ की आवाज़ आने लगी.
‘राज अब डाल दो अपना लंड अन्दर और मेरी प्यास बुझा दो!’

मैंने एक झटका मारा और मेरा पूरा लंड चूत को चीरता हुआ अन्दर तक घुस गया.

वह सील पैक माल थी तो चुत फट गई थी.
उसकी आंखों से आंसू आने लगे और उसे दर्द होने लगा.

मैंने थोड़ा सा लंड निकाल कर देखा तो थोड़ा सा खून भी निकला हुआ था.

थोड़ी देर में जब उसे थोड़ा आराम मिला, तो वह खुद ही कमर उठाने लगी और कहने लगी- और तेज करो राज … और तेज … और बना लो मुझे अपना!

मैं तेज-तेज चुदाई करने लगा.

कुछ देर बाद मैंने लंड चुत से खींचा और उससे उल्टा कर दिया.
वह समझ गई और घोड़ी बन गई.

जैसे ही वह घोड़ी बनी, मैंने पीछे से लंड छेद में पेल डाला.

लंड एक ही झटके में अन्दर सरक गया रहा तो वह एकदम से चीखी- हाय अम्मी मर गई!

मैं उसके दोनों दूध पकड़ कर चोदने लगा और वह भी दर्द भूल कर लंड का मजा लेने लगी.

मैंने उसे करीब 15 मिनट तक चोदा. इतने में वह 2 बार पानी छोड़ चुकी थी.

अब मेरा भी निकलने वाला था, तो मैंने पूछा- कहां निकालूँ?
वह बोली- अन्दर ही निकाल दो, अभी सेफ डेज हैं.

मैं और तेज तेज शॉट मारने लगा और उसकी चूत के अन्दर ही पानी निकाल दिया.
फिर मैंने उससे बाथरूम में चलने को कहा.

वह उठी तो चल ही नहीं पा रही थी, उसकी आह निकल गई.
मैंने मुड़ कर उसे देखा तो उससे चला भी नहीं जा रहा था.

तो मैंने उसे गोद में उठाया और बाथरूम में ले गया.
उधर उसने खुद को साफ़ किया.

मैंने देखा तो वहां बाथटब भी था.
मैंने बाथटब को पानी से भरा, उसे उठा कर बाथटब में लिटाया और खुद भी उसके साथ आ गया.

हम दोनों में फिर से मस्ती शुरू हो गई.
मैं उसके बूब्स से खेलने लगा और उसे गोद में बिठा कर प्यार करने लगा.

वह अपनी गांड मेरे लंड पर घिसने लगी.
तो मैंने उसके दूध पकड़ कर लौड़े को चुत की दरार पर सैट किया और पीछे से ही उसकी चूत में लंड डाल दिया.

वह आह आह करने लगी.
हम दोनों की मस्त चुदाई शुरू हो गई.

इस बार वह भी बहुत मजे से चूत चुदवा रही थी.

कुछ ही देर में वह खुद ही मेरे लंड पर कूदने लगी.
पानी से छप-छप की आवाज़ और उसके मुँह से ‘आह … आह …’ की आवाज़ निकल रही थी.
ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने कोई सुरीला म्यूजिक लगा दिया हो.

उस पूरी रात को मैंने उसे 4 बार चोदा.
सुबह उससे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था.

फिर मैं दर्द निवारक दवा लेकर आया और उसे पानी के साथ पिला दी.

कुछ देर आराम करने के बाद उसे चैन पड़ गया और हम दोनों कमरे से निकल कर अपने अपने घर चले गए.

आज भी जब मुझे उसके साथ बिताई वह रात याद आती है, तो लंड खड़ा हो जाता है.

उसके बाद भी हम कई बार मिले लेकिन उसने मेरे लंड को कभी नहीं चूसा.

कुछ दिन के बाद उसने अपनी एक सहेली की चूत दिलवाई और एक चचेरी बहन को चुदवाया.
वह सेक्स कहानी फिर कभी लिखूँगा.
तब तक के लिए लड़के अपने लंड हिलाएं और लड़कियां अपनी चूत में उंगली करती रहें.

भाभी को देवर से डर्टी सेक्स की चाहत

इस डर्टी Xxx कहानी में आप पढ़ें कि एक रात सोते हुए मैंने भाभी की चूची मसल दी. वे गुस्सा हो गई. लेकिन थोड़ी देर बाद भाभी ने मुझसे बात की.

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दोस्त ने मेरे लंड की किस्मत बदल दी

हार्ड फक स्टोरी में मेरे दोस्त ने मुझे उसकी मदद करने को कहा. उसने मुझे उसकी शादीशुदा बहन को चोद कर उसे औलाद देने को कहा. उसने अपनी बहन को मेरे कमरे में भेज दिया……… Read More

गर्लफ्रेंड के साथ पहली चुदाई उसी के घर में

वर्जिन GF सेक्स स्टोरी में कॉलेज में मेरी दोस्ती एक लड़की से हुई। मैंने उसे प्रोपोज किया और मैं उसे चोदने के लिए दोस्त के फ्लैट में ले गया. मैंने उसके साथ फॉर प्ले किया लेकिन उसने सलवार नहीं उतारी.

दोस्तो! मेरा नाम अजय है।
मेरा कद 5 फीट 6 इंच है।
मैं जयपुर के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता हूँ।

यह वर्जिन GF सेक्स स्टोरी मेरी दोस्त कोमल की चूत चुदाई की है.

कॉलेज में मेरी दोस्ती कोमल से हुई जो चूरू की रहने वाली थी।
वह एकदम दूध जैसी गोरी और बेहद कमाल की लड़की थी।
उसका 32-28-34 का सुडौल जिस्म किसी को भी दीवाना बना दे।

हम जहाँ भी जाते, साथ जाते थे।
कभी कॉलेज बंक मारकर फिल्म देखने जाना तो कभी कैफ़े में घंटों बातें करना—ऐसे करते-करते एक साल बीत गया।

मेरे एक दोस्त का जयपुर में ही अपना फ्लैट था, जहाँ हमारा आना-जाना शुरू हुआ।

एक दिन मेरे दोस्त ने मिलकर फ्लैट सजाया और मैंने कोमल को वहाँ ले जाकर प्रपोज़ कर दिया।
फिर क्या था, हमारा फ्लैट में आना-जाना लगा रहता था।

एक दिन मैंने सोचा क्यों ना कोमल के साथ नज़दीकियाँ बढ़ाई जाएँ।
मैं उसे फ्लैट पर लेकर गया और वहाँ उसे हग (hug) करके चूमने लगा।
वह भी मेरा साथ देने लगी।

मैंने धीरे से उसके सूट में हाथ डालकर उसके अंगों को सहलाना शुरू किया तो वह सिसकियाँ लेने लगी।

मेरा उत्तेजना के मारे बुरा हाल था।

मैंने कोमल का सूट उतारकर उसे बेड पर लेटा दिया।
हरे रंग की ब्रा में वह कयामत लग रही थी।

मैं उस पर टूट पड़ा और उसके अंगों को चूसने लगा।
जब मैं उसकी सलवार उतारने लगा तो उसने मना कर दिया, “अभी नहीं!”
उसने कहा।

मेरे बहुत मनाने पर भी वह नहीं मानी।
मेरा दिमाग खराब हो गया.
पर मैं जबरदस्ती नहीं करना चाहता था क्योंकि उसमें मज़ा नहीं आता।

फिर हम वहाँ से चल दिए।

मेरे दोस्तों ने पूछा कि भाई, काम बना या नहीं?
मैं कुछ ना बोला।

तभी मेरे दोस्त राहुल की गर्लफ्रेंड सेजल वहाँ आई।
वह भी बहुत खूबसूरत थी।
राहुल ने उसके बारे में सब बता रखा था कि उसने सेजल के चक्कर में ही यह फ्लैट लिया था।
वह उसे वहाँ ले जाकर शारीरिक संबंध बनाता था यानी उसकी चूत मारता था।

राहुल उनकी चुदाई के वीडियो भी बनाता था और मुझे दिखाए भी थे।

राहुल हफ्ते में 2-3 बार सेजल को फ्लैट पर लाता था और यहाँ मैं कोमल के साथ कुछ नहीं कर पा रहा था।

फिर भगवान ने मेरी सुन ली।
छुट्टियाँ चल रही थीं और कोमल के घर वालों को किसी शादी में जाना था।
उसने मुझे बताया और पूछा, “मेरे घर आओगे? घर वाले एक हफ्ते के लिए बाहर जा रहे हैं, हम साथ में प्रोजेक्ट का काम भी कर लेंगे।”

कोमल ने कहा तो मैंने तुरंत हाँ कर दी।

मैंने ट्रेन की टिकट करवाई ताकि रात में कोमल के घर पहुँच जाऊँ और किसी को पता न चले।
मैंने पूरी तैयारी की, शरीर की सफाई की और अलग-अलग फ्लेवर के कंडोम खरीद लिए।

रात के 1 बजे मैं उसके घर पहुँच गया।
मैंने उसे गले लगाया और चूमने लगा।

भाभी को देवर से डर्टी सेक्स की चाहत

इस डर्टी Xxx कहानी में आप पढ़ें कि एक रात सोते हुए मैंने भाभी की चूची मसल दी. वे गुस्सा हो गई. लेकिन थोड़ी देर बाद भाभी ने मुझसे बात की.

दोस्तो,
मेरा नाम राहुल है. मेरी हाइट 5 फीट 9 इंच है.
अच्छा शरीर और दिखने में गोरा हूँ.
मेरी उम्र 21 साल की है.
मैं अहमदाबाद, गुजरात से हूँ.

यह डर्टी Xxx कहानी मेरी सगी भाभी की है.
मेरी भाभी का नाम अर्चना है.
मेरे घर में कुल 6 सदस्य हैं … मैं, मम्मी-पापा, छोटा भाई और भैया-भाभी.

भाभी की उम्र 28 साल की है. भाभी का फिगर 34-32-36 का है.
वे दिखने में एकदम माल लगती हैं.

गर्मी का मौसम होने के कारण सभी लोग गांव गए थे.
उधर हर साल गर्मियों में पूजा आदि का काम रहता है.

इधर घर में सिर्फ मैं, भैया और भाभी रह गए थे.

मेरे कॉलेज का एग्जाम होने के कारण मैं घर में था.
भैया आईटी कंपनी में जॉब करते हैं तो वे अपनी जॉब पर गए थे.

सब कुछ सामान्य चल रहा था.

मई महीने का समय था.

उस दिन अचानक भैया को कंपनी की तरफ से गोवा जाना पड़ गया था तो भैया जल्दी जल्दी में घर आए और अपनी अटैची आदि लगा कर गोवा के लिए निकल गए थे.
भैया को शायद एक महीने तक उधर रहना पड़ सकता था. कुछ भी तय नहीं था कि वे एक महीने में ही वापस आएंगे या और देर लगेगी.

उनके जाने के दो-तीन दिन तक सब कुछ सामान्य था.
उस रात को मैं ऊपर छत पर सो रहा था.

मेरी आदत है कि मैं गर्मी में छत पर ही सोता हूँ. बल्कि यूं कहूँ कि घर में सिर्फ मैं ही छत पर सोता हूँ.

उस रात को मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि भाभी मुझसे थोड़ी दूरी पर सो रही हैं.
मैं कुछ नहीं समझ पाया कि भाभी छत पर क्यों सो रही हैं.

पहले मैंने सोचा कि शायद पावर कट हुआ होगा लेकिन घर में इनवर्टर लगा है तो अमूमन ऐसा नहीं होता था कि कोई सदस्य छत पर आ जाए.

उस समय तक मेरे मन में भाभी के लिए कोई गलत ख्याल नहीं था.

सुबह जब मेरी नींद खुली, मैं भाभी के पास गया.

‘भाभी, आप रात को ऊपर क्यों आई थीं?’
भाभी ने कहा- मुझे अकेले डर लग रहा था दो दिन से, इसलिए मैं रात में तुम्हारे पास आकर सो गई थी.

भैया महीने भर के लिए बाहर गए थे, तो मुझे भी यह सब सामान्य लगा.

फिर एक हफ्ता ऐसे ही बीत गया.

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अब भाभी छत पर ही सोने लगी थीं.
उनका बिस्तर मेरे बिस्तर के पास ही लगने लगा था.

एक दिन रात में जब मेरी नींद खुली, मैंने देखा कि भाभी की नाइटी उनके घुटनों से ऊपर तक उठी हुई है.
उनकी संगमरमरी जांघें स्पष्ट रूप से दिख रही थीं.

मैंने आज तक भाभी की दूधिया जांघों को नहीं देखा था तो मेरे मन में वासना घुमड़ने लगी थी.

उस दिन पहली बार मेरे मन में भाभी के लिए गंदे ख्याल आए.

मैंने सोच लिया था कि अब भाभी के साथ कुछ कर लेता हूँ.
लेकिन मुझे उनसे डर भी लग रहा था.

मैंने अपना बिस्तर भाभी के बिस्तर के और बिल्कुल बगल में सरका लिया.

फिर मैंने सोने का नाटक करते हुए अपना पैर उनके पैर पर रख दिया.

अब मैंने अपने पैर को उनके पैर पर घुमाना शुरू कर दिया.
देखने में मुझे ऐसा लगा कि भाभी जाग रही हैं लेकिन मेरा भ्रम था.

मेरी गांड फट रही थी कि क्या होगा?
फिर मैंने सोचा जो होगा, देख लूँगा.

भाभी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी तो मैं अपने साहस को बढ़ाता गया.

आखिरकार मुझसे रहा न गया तो मैंने अपना एक हाथ भाभी के चूचे पर रख दिया और अभी उनके दूध को मैंने धीरे से दबाया ही था कि उतने में भाभी जाग गईं.

भाभी ने मेरी तरफ देखा और एक जोरदार थप्पड़ दिया.
मैं सकपका गया और मेरी हालत मरे हुए चूहे के जैसी हो गई.

भाभी ने गुर्रा कर कहा- आज के बाद यह कभी किया तो तुम्हारे भैया से बोल दूंगी!
मेरी फट गई, मैंने भाभी को हाथ जोड़ कर सॉरी कहा और उनसे दूर जाकर सोने लगा.

लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी और उस तरफ सेम स्थिति भाभी की थी.
भाभी को भी नींद नहीं आ रही थी. उनकी बार बार करवट लेने के कारण हो रही आवाजों से मुझे समझ में आ रहा था कि वे भी कुछ सोच रही हैं.

अब इससे मेरी गांड और ज्यादा फट रही थी कि भाभी का अगला कदम क्या होगा!
क्या वे भैया से मेरी शिकायत करेंगी? या वे छत पर रह कर ही मुझसे कुछ उलाहना आदि देंगी.

उस वक्त तक मेरे दिमाग में यह बिल्कुल भी नहीं आ रहा था कि भाभी मुझे अपने जिस्म से खेलने देंगी.

कुछ देर बाद भाभी बोलीं- राहुल, नहीं बोलूंगी भैया को … शांति से सो जाओ!

यह कह कर वे एकदम से मेरे बगल में आकर सोने लगीं.
अभी दो मिनट ही हुआ था कि उन्होंने अपनी नाइटी थोड़ी और ऊपर कर दी.

मैं समझ गया कि भाभी का भी मन चुदाई का हो गया है.
इस बार मुझे डर नहीं था.

उन्होंने मुझसे कहा- इधर देखो!
मैंने उन्हें देखा तो मुझे उनकी आंखों में गहरी चुदास दिख रही थी.

मैंने न जाने किस झौंक में भाभी की पैंटी के ऊपर हाथ रख दिया.
इससे भाभी थोड़ी ऐंठ गईं और दूसरी तरफ देखने लगीं.

मैंने हाथ हटा लिया.

तभी अचानक से भाभी मुड़ीं और मुझे किस करने लगीं.
तकरीबन 5 मिनट किस करने के बाद हम दोनों नंगे होने लगे.

भाभी ने कहा- राहुल, मुझे मेरी सेक्स लाइफ से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ.
मैंने कहा- कहो भाभी, क्या कहना है?

फिर भाभी जो कहने लगीं, वह मैंने सोचा भी नहीं था.

उन्होंने कहा- मुझे तुमसे डर्टी सेक्स चाहिए, जो तुम्हारे भैया मुझे नहीं दे पाए!
मैंने कहा- आप जो भी चाहती हैं, प्लीज करें … मैं आपको पूरा साथ दूंगा.

यह सुनते ही मामला साफ हो गया था, तो बस फिर क्या था … भाभी ने मेरा मुँह पकड़ा और झुकाती हुई मेरे मुँह को अपनी चूत पर लगा दिया.
भाभी ने एकदम से मेरे मुँह को पकड़ कर अपनी टांगों के जोड़ पर लगा कर दबा दिया था … तो मुझे सांस भी नहीं आ रही थी.

मैंने उनकी बुर को चाटा तो उसका खट्टा स्वाद बहुत टेस्टी लगा.
मैंने कुछ देर तक भाभी की बुर को चाटा और चूसा तो भाभी मस्त हो गईं.

फिर भाभी ने खुद ही मुझे रोक दिया और कहा- अब मेरी बगलें चाटो!
मैंने उनकी बगलें चाटीं.

भाभी पूरे मजे से चटवा रही थीं.

मैंने बोला- भाभी, मुझे भी ये मजा चाहिए.
भाभी ने मेरी चड्डी में हाथ डाला और मेरे लंड को चाटने लगीं.

कुछ देर बाद मैं झड़ने को हो गया.
मैंने कहा- भाभी, मेरा निकलने वाला है!

भाभी ने कुछ नहीं कहा और हाथ से इशारा कर दिया कि निकल जाओ.
मैं झड़ गया और भाभी मेरा माल निगल गईं.

मैं मस्त होकर चुत लेट गया.
फिर भाभी बोलीं- मेरे बूब्स चूसो और उन पर अपने दांतों से हल्का हल्का काटो!

मैं मन में सोच रहा था कि भाभी न जाने क्या करवाना चाहती हैं.
मैंने जोर से उनके बूब्स पर चाटा और चाटा.

मेरे जोर से काटने से भाभी सिहर उठीं, पर अगले ही पल जब मैंने उनके दूध को चूसा और चाटा तो वे मस्त हो गईं.

फिर मैंने भाभी से कहा- भाभी, मेरा फिर से खड़ा होने लगा है!
उन्होंने कहा- चलो, अब शुरू हो जाओ.

मैंने उनको चूत पर अपना लंड सैट किया और एक जोरदार धक्का दे दिया.
मेरा पूरा लंड एक ही बार में उनकी चूत में समा गया.

वे दर्द से कराह कर कहने लगीं- पहले धीरे-धीरे किया करो … एकदम से नहीं करना चाहिए.
मैं बिल्कुल उनके कहे अनुसार करने लगा.

कुछ देर बाद जब मेरा रस निकलने को हुआ तो उन्होंने कहा- मेरी चूत में ही निकाल दो!

मैंने ठीक वही किया और झड़ कर उनके ऊपर ही लेट गया.

अचानक भाभी को पता नहीं क्या हुआ, बोलीं- ऊपर से हटो!
मैं हटा तो बोलीं- अब तुम मेरा मूत पीयो.

मुझे अजीब लगा, लेकिन चूत मिल गई थी तो करना तो था ही.
भाभी मेरे मुँह पर बैठकर मूतने लगीं और मैं उनका मूत पी गया.

मैंने भी सोचा कि मैं भी कुछ अलग करता हूँ.

मैंने कहा- भाभी, मुझे आपकी गांड मारनी है!
भाभी ने कहा- मार लो.

बस फिर क्या था.
मैंने अपना लंड सहलाया और उनकी गांड पर सैट कर दिया.

मैं गांड में लंड पेलता उससे पहले ही भाभी ने रोक दिया और कहा- पहले मेरी गांड चाटो, उसके बाद डालना!
मैंने ठीक वैसा ही किया.

मैंने अपनी जीभ उनकी गांड में घुसा दी. बहुत मस्त खुशबू आ रही थी उनकी गांड से … मैं मदहोश होकर छेद चाटने लगा.

सब कुछ होने के बाद मैंने अपना लंड उनकी गांड पर रखा और पेल दिया.
भाभी भी मजे से लंड लेने लगीं.

इससे पहले सिर्फ एक ही बार उनका पानी निकला था.

औरतों की चुत का पानी निकलने में बहुत समय लगता है, इसलिए मैंने सोच लिया कि मेरा पानी निकलने के पहले मैं भाभी को दोनों छेदों का सुख देकर रहूँगा.

मैंने दो उंगलियां उनकी चूत में डाल दीं और चुत की रगड़ाई के साथ साथ गांड की चुदाई करने लगा.
मैं धीरे-धीरे कर रहा था ताकि मेरा पानी जल्दी न निकले.

कुछ देर बाद भाभी ने कहा- राहुल, मेरा होने वाला है!

बस फिर क्या था … मैंने भी धक्के तेज कर दिए और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए.

फिर भाभी ने मुझसे प्यार करते हुए कहा- यही सेक्स चाहिए था मुझे … तुमको कैसा लगा?
मैंने भी कहा- भाभी, बहुत मजा आया आपके साथ … मजा देने के लिए धन्यवाद!

भाभी ने कहा- मुझे भी तुम्हारा मूत पीना है. तुमको भी वह सुख देना है जो मेरे जीवन में मुझे पहली बार मिला है.
बस फिर क्या था, भाभी ने मेरा मूत पिया.

हम दोनों यहीं नहीं रुके.
दोनों ने गंदी चुदाई की हद पार कर दी.
हम दोनों एक-दूसरे का मूत पीते, गांड चाट लेते … मतलब हमारे लिए यह सब सामान्य हो गया था.

एक बार भाभी ने मुझे अपनी टट्टी भी चटा दी थी.
लेकिन सब चीजों में बहुत मजा आया और हमने बहुत एंजॉय किया.

ये डर्टी Xxx खेल कुछ समय तक बिंदास चला.

फिर जून के पहले हफ्ते में घर वाले आ गए और उसके बाद भैया भी आ गए.

चूंकि भाभी को डर्टी सेक्स मैं ही दे पाता था, इसलिए हम दोनों चुपके से चुदाई करने लगे.
कभी होटल जाकर की, कभी चुपके से छत पर की, कभी बाथरूम में की.

तो ये थी मेरी असली चुदाई की कहानी. कसम से दोस्तो, डर्टी सेक्स का अलग ही मजा है, स्पेशियली गांड चाटने में और मूत पीने में … आप भी कभी ट्राय करें.

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